अध्याय 15 टूटे हुए टुकड़े

"दरवाज़ा खोलो।"

दालान से ऑस्टिन की आवाज़ सन्नाटे को चीरती हुई आई।

एला ने दरवाज़े को ठंडी नज़र से घूरा, दावे के बावजूद आँखें फैल गईं। "मैं सो रही हूँ।"

"तुमने फिर से दरवाज़ा लॉक कर लिया है। मुझसे छिप रही हो?"

ऑस्टिन ने हैंडल घुमाया, उसका सुर और भी नीचे, और भी कठोर हो गया।

एला ने पलंग के पास रखे ...

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